किशोर पारीक "किशोर"

किशोर पारीक "किशोर"

किशोर पारीक "किशोर" की कविताओं के ब्लोग में आपका स्वागत है।

किशोर पारीक 'किशोर' गुलाबी नगर, जयपुर के जाने माने कलमकार हैं ! किशोर पारीक 'किशोर' की काव्य चौपाल में आपका स्वागत है।



गुरुवार, अप्रैल 08, 2010

लुगाई की तलाश

एक हफ्ते तो ढूंढता डोला
फिर जाकर पुलिस  को बोला   
अपनी गुहार कुछ यों लगाई
दरोगाजी मदद करो 
भाग गयी मेरी  लुगाई
दरोगा ने आँखें चलाते
जारी कर दिया फरमान 
नहीं रखता होगा तू
उसका ध्यान
पीड़ित बार-बार आहे भरता था
बोला दरोगाजी
में तो उसे आपनी
सगी बहन से भी ज्यादा
प्यार करता था !

किशोर पारीक " किशोर"
 

3 टिप्‍पणियां:

  1. सगी बहन से भी ज्यादा
    प्यार करता था !


    http://kavyawani.blogspot.com/
    shekhar kumawat

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  2. rashmi-aaj ki strees bahre life mai ham hasna bhul gaye hai apki kavita padhkar hoto pe hasi aur mann hashy se bhar gaya.... assman mai sitaro ki jagmag ki thare apki lekhan jagat mai prgati ki kamna kar te hai

    उत्तर देंहटाएं