किशोर पारीक "किशोर"

किशोर पारीक "किशोर"

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किशोर पारीक 'किशोर' गुलाबी नगर, जयपुर के जाने माने कलमकार हैं ! किशोर पारीक 'किशोर' की काव्य चौपाल में आपका स्वागत है।



सोमवार, जुलाई 06, 2009

बारिश के दोहे

हे ईश्‍वर किस बात की, अब करता है दैर
कब बरसेगी बादली, कब से धैर धुमेर ।।

कब से रटती मोरनी, पीहू पीहू दिन रात
साजन दे उपहार में, आँसू की सौगा़त।।

बजट बरस कर रह गया, प्‍यासा फिर भी गांव
वाह मुखर्जी खूब दी, तुमने हमको छांव ।।

2 टिप्‍पणियां:

  1. वाह किशोर जी क्‍या दोहे लिखे है। अनूप बोहरा, जयपुर

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  2. किशोरजी !
    दोहे बहुत अच्छे हैं. और लिखिए.
    कुछ टाइपिंग मिस्टेक हैं जो अभ्यास से ठीक होगी.
    जोगेश्वर गर्ग

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